भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा उपचुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। बीजेपी ने रेजीनगर विधानसभा सीट से सखराव सरकार को चुनाव मैदान में उतारा है, जबकि नंदीग्राम जैसी हाई-प्रोफाइल सीट से हासीरानी रथ को अपना उम्मीदवार बनाया है। हासीरानी रथ, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के मृतक PA चंद्रनाथ रथ की मां हैं।
6 मई 2026 को विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद शुभेंदु अधिकारी के उस समय के PA चंद्रनाथ रथ की उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसके बाद से बीजेपी उनकी मां हासीरानी रथ के संपर्क में थी। आखिरकार बंगाल बीजेपी ने हासीरानी रथ पर ही भरोसा जताया।
आज नॉमिनेशन फाइल करेंगी हासीरानी
हासीरानी रथ आज अपना नॉमिनेशन फाइल करेंगी। राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और राज्य एवं जिले के नेता उनके साथ रहेंगे। नॉमिनेशन हल्दिया सब-डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेटर के ऑफिस में फाइल किया जाएगा। हासीरानी रथ हल्दिया के कामदमतला इलाके से मार्च करेंगी और करीब एक किलोमीटर तक सब-डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेटर के ऑफिस में जाकर नॉमिनेशन फाइल करेंगी। उससे पहले हासीरानी रथ ने पूजा अर्चना की।
हासीरानी रथ के बारे में
हासीरानी रथ पूर्वी मेदिनीपुर के चंडीपुर इलाके के कुलुप गांव की निवासी हैं। उनकी उम्र 62 साल है। हासीरानी रथ स्थानीय स्तर की राजनीति से जुड़ी रही हैं। उन्होंने पंचायत स्तर की जनप्रतिनिधि के रूप में काम किया है। शुरुआत में वे तृणमूल कांग्रेस से जुड़ी थीं। बाद में जब शुभेंदु अधिकारी तृणमूल छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए, तो हासीरानी भी बीजेपी में चली आईं। रथ परिवार का अधिकारी परिवार के साथ लंबे समय से राजनीतिक और व्यक्तिगत संबंध रहा है। यह रिश्ता दो दशक से भी पुराना है। शुभेंदु अधिकारी के राजनीतिक उत्थान के समय से ही रथ परिवार उनके साथ रहा है। हासीरानी रथ के पति का 2024 में निधन हो गया था।
2013-18 के दौरान वे चंडीपुर पंचायत समिति में शिशु एवं नारी विकास कर्माध्यक्ष (कर्माध्यक्ष) थीं। कभी तृणमूल से जुड़ी रहीं यह नेत्री बाद में शुभेंदु अधिकारी से राजनीतिक निकटता के चलते बीजेपी में सक्रिय हुईं। दिसंबर 2020 में जब शुभेंदु अधिकारी तृणमूल छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए, तब हासीरानी रथ सहित उनका पूरा परिवार भी बीजेपी में आ गया। हालांकि, कुछ दिन पहले हासीरानी ने खुद कहा था कि वे 1998 से ही राजनीति से जुड़ी हुई हैं।
कब है दोनों सीटों पर उपचुनाव?
बता दें कि पश्चिम बंगाल की रेजिनगर और नंदीग्राम विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए चुनाव आयोग ने तारीखों का ऐलान कर दिया है। दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि 9 अक्टूबर को मतगणना के बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे। उपचुनाव के लिए उम्मीदवार 16 सितंबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 19 सितंबर तक उम्मीदवार अपनी उम्मीदवारी वापस ले सकेंगे।
नंदीग्राम में 5 उम्मीदवार मैदान में
नंदीग्राम उपचुनाव में हसीरानी रथ का मुकाबला ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट की संचिता प्रधान (डे) से होगा। वहीं, ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी TMC गुट ने मोहम्मद एतेशामुल हक को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने मिलन प्रधान और CPI ने शांति गोपाल गिरि को टिकट दिया है।
नंदीग्राम इस उपचुनाव के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण सीट है। यह वही विधानसभा क्षेत्र है, जो भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन का केंद्र रहा था। इसी आंदोलन ने 2011 में TMC को पश्चिम बंगाल की सत्ता तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। बाद में नंदीग्राम शुभेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी के बीच बेहद करीबी चुनावी मुकाबले का केंद्र भी बना।
2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर, दोनों सीटों से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। बाद में उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़ दी, जिसके कारण यहां उपचुनाव कराना पड़ रहा है।
रेजीनगर में भी दिलचस्प मुकाबला
रेजीनगर विधानसभा सीट पर ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट ने पहले ही पूर्व विधायक रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार घोषित कर दिया था। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी TMC गुट ने सफीउद्दीन शेख (सफीउज्जमान शेख) को मैदान में उतारा है।
वहीं, मौजूदा विधायक और आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के संस्थापक हुमायूं कबीर ने अपने बेटे गोलाम नबी आजाद (रॉबिन) को उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है। कांग्रेस ने मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी को टिकट दिया है, जबकि CPI(M) के नेतृत्व वाले लेफ्ट फ्रंट ने सैयद असद अली को उम्मीदवार बनाया है।
रेजीनगर सीट भी हुमायूं कबीर के इस्तीफा देने के बाद खाली हुई। उन्होंने रेजीनगर और नोदा, दोनों विधानसभा सीटों से जीत दर्ज की थी, लेकिन बाद में उन्होंने रेजीनगर सीट छोड़ दी।
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